सोमवार, 7 सितंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में लगातार दबाव के बाद गिरावट देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय तनाव और वैश्विक कारणों से दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए।
सोमवार, 7 सितंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में लगातार दबाव के बाद गिरावट देखने को मिली।
बाजार की मुख्य स्थिति
BSE Sensex:
सेंसेक्स में करीब 330 से 400 अंकों (लगभग 0.24%-0.45%) की गिरावट दर्ज की गई और यह 76,200–76,400 के स्तर के पास कारोबार करता दिखा। NSE Nifty 50:
निफ्टी 50 में भी लगभग 0.25% की गिरावट रही और यह 23,800 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसला। ज्यादा प्रभावित सेक्टर्स: इंफोसिस, टीसीएस और टेक महिंद्रा जैसी दिग्गज कंपनियों में बिकवाली के कारण IT (आईटी) सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव रहा।
गिरावट के 4 मुख्य कारण
अंतरराष्ट्रीय/भू-राजनीतिक तनाव: मिडिल ईस्ट (अमेरिका-ईरान) में तनाव बढ़ने की वजह से वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
कच्चे तेल (Crude Oil) की बढ़ती कीमतें:
स्ट्रैट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में आपूर्ति की चिंताओं के कारण ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमतें बढ़कर $96/बैरल के पार पहुंच गई हैं, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था और महंगाई पर दबाव पड़ रहा है। अमेरिकी ब्याज दरों (Fed Rate) की चिंता: अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक उच्च स्तर पर बनाए रखने की आशंका से वैश्विक बाजारों का मूड बिगड़ा है।
विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली:
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FIIs) भारतीय बाजार से लगातार पूंजी निकाल कर सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख कर रहे हैं।
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