1. स्मार्ट प्रीपेड मीटर सिस्टम पर रोक (सबसे बड़ी राहत)आ रही शिकायतों को देखते हुए स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था की अनिवार्यता को खत्म करने का बड़ा फैसला लिया है।
बांदा में बिजली और स्मार्ट मीटर को लेकर पिछले कुछ समय से काफी गहमा-गहमी चल रही है। उपभोक्ताओं की भारी नाराजगी और विरोध प्रदर्शनों के बाद सरकार और प्रशासन ने कुछ बड़े फैसले लिए हैं। बांदा और उत्तर प्रदेश से जुड़ी मीटर की मुख्य खबरें इस प्रकार हैं:
1. स्मार्ट प्रीपेड मीटर सिस्टम पर रोक (सबसे बड़ी राहत)
उत्तर प्रदेश सरकार ने उपभोक्ताओं की लगातार आ रही शिकायतों को देखते हुए स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था की अनिवार्यता को खत्म करने का बड़ा फैसला लिया है।
अब प्रदेश में स्मार्ट मीटरों को पोस्टपेड मोड पर चलाया जाएगा। यानी अब आपको पहले रिचार्ज नहीं करना होगा, बल्कि महीने भर बिजली इस्तेमाल करने के बाद बिल आएगा।
अगर किसी का पुराना बिल बकाया है, तो सरकार ने उसके भुगतान के लिए 10 आसान किस्तों की सुविधा देने का भी ऐलान किया है।
2. बांदा में उपभोक्ताओं का भारी विरोध प्रदर्शन
बांदा जनपद में करीब 52 हजार स्मार्ट मीटर लगाए गए थे, जिनमें से 36 हजार प्रीपेड मोड पर थे। पिछले महीनों में इसे लेकर जनता का गुस्सा फूट पड़ा था:
4 से 5 गुना तक बढ़ा बिल: उपभोक्ताओं का आरोप था कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनका बिल अचानक कई गुना बढ़ गया। ₹1,500 आने वाला बिल ₹6,000 से ₹7,000 तक पहुंच रहा था।
अचानक बिजली कटना: एडवांस रिचार्ज होने के बावजूद तकनीकी गड़बड़ी से अकाउंट माइनस में चला जाता था, जिससे कभी रात के 12 बजे तो कभी सुबह पानी आने के समय बत्ती गुल हो जाती थी।
अनोखे प्रदर्शन: शहर के खुटला और रहुनियां जैसे मोहल्लों की महिलाओं ने कलेक्ट्रेट पर बेलन लेकर प्रदर्शन किया था। वहीं एक अन्य मामले में, शादी वाले घर की बिजली कटने पर दूल्हा बैंड-बाजे के साथ शिकायत करने डीएम दफ्तर पहुंच गया था।
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