(Key Highlights) एक दिन का महालक्ष्य: 12 जुलाई को राज्य भर में एक ही दिन के भीतर रिकॉर्ड 35 करोड़ पौधे रोपने का लक्ष्य रखा गया है।
विरासत वृक्षों को सम्मान: इस अभियान के तहत राज्य के 100 साल से अधिक पुराने 'हेरिटेज ट्री' (विरासत वृक्षों) के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
प्रजातियों का चयन: मिट्टी और जलवायु के अनुकूल पारंपरिक और औषधीय पौधे जैसे—पीपल, बरगद, नीम, जामुन, सहजन, आंवला और आम के पौधे मुख्य रूप से लगाए जा रहे हैं।
🤝 जनभागीदारी (Public Participation)
इस अभियान को सिर्फ सरकारी कार्यक्रम न बनाकर एक जन-आंदोलन का रूप दिया गया है। इसमें निम्नलिखित विभागों और समूहों को जोड़ा गया है:
वन विभाग और पर्यावरण मंत्रालय
स्कूली बच्चे, एनसीसी (NCC) और एनएसएस (NSS) के छात्र
ग्राम पंचायतें और स्थानीय नागरिक निकाय
सामाजिक संस्थाएं और किसान
विशेष नोट: उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य इस प्रकार के बड़े वृक्षारोपण अभियानों के जरिए राज्य के कुल हरित क्षेत्र को अगले कुछ वर्षों में बढ़ाकर 15% तक ले जाने का है।
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