आईआईटी बॉम्बे में कैंपस अशांति: छात्र साहिल वाकोडे की दुखद मौत से भड़के व्यापक प्रदर्शन, एफआईआर और संस्थागत सुधार
छात्रों के तीव्र विरोध प्रदर्शनों के बाद, आईआईटी बॉम्बे ने एक आधिकारिक माफी जारी की है, एक वरिष्ठ प्रोफेसर को उनके प्रशासनिक पद से हटा दिया है, और कैंपस की सुरक्षा तथा मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े 18-सूत्रीय चार्टर पर सहमति व्यक्त की है।
घटना और छात्र की मौत: आईआईटी बॉम्बे के ऊर्जा विज्ञान विभाग (Energy Science and Engineering) के दूसरे वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे अपने हॉस्टल के कमरे में मृत पाए गए। उनकी मौत से कुछ घंटे पहले उन्हें परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन (ChatGPT के इस्तेमाल) के साथ पकड़ा गया था।
परिवार के आरोप और एफआईआर: साहिल के माता-पिता ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को पिछले कुछ महीनों से मानसिक प्रताड़ना और जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ रहा था। परिवार की शिकायत पर मुंबई पुलिस ने प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और SC/ST (अत्याचार निवारण) एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की है।
आईआईटी बॉम्बे की आधिकारिक माफी: बढ़ते हंगामे के बीच संस्थान ने एक बयान जारी कर खेद जताया और स्वीकार किया कि जांच पूरी होने से पहले छात्र के परीक्षा से जुड़े मामलों को सार्वजनिक करना या उनका चरित्र-चित्रण करना "अनुचित" था।
प्रोफेसर पर प्रशासनिक कार्रवाई: छात्रों के भारी विरोध और दबाव के बाद, संस्थान ने आरोपी प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला को 'डीन (प्रशासनिक मामले)' के पद से तुरंत प्रभाव से हटा दिया है।
18-सूत्रीय मांग और सुधार: छात्रों के उग्र प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने छात्रों के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसमें कैंपस सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य सहायता और पारदर्शी स्वतंत्र जांच से जुड़े 18-सूत्रीय चार्टर को स्वीकार किया गया है।
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